16.09.2015 - UNESCO Office in New Delhi

Deadline extended - National Comic and Cartoon Art Competition - Literacy and Sustainable Societies: Take the challenge! प्रस्तुत करने की तारीख बढ़ा दी - राष्ट्रीय कॉमिक और कार्टून प्रतियोगिता–साक्षरता और टिकाऊ समाज: चुनौती स्वीकारें!

“The highest education is that which does not merely give us information but makes our life in harmony with all existence.”

                                                                   - Rabindranath Tagore 

Extended submission deadline:  25 October 2015

Today a total 781 million adults in the world are still illiterate – two-thirds of them (496 million) are women. Among youths, 126 million are illiterate, of which 77 million are female. For India, 285 million adults are illiterate with 186 million female illiterates . In other words, they lack the basic reading and writing skills to manage daily living and employment tasks. 

In 1965, UNESCO declared September 8 as International Literacy Day (ILD). Since this proclamation, schools, organizations and communities around the world have united to promote awareness with the hope to one day eradicate this ongoing human rights violation. The theme of the International Literacy Day 2015 is “Literacy and Sustainable Societies”.

Literacy is a basis for lifelong learning and plays a foundational role in the creation of sustainable, prosperous and peaceful societies.  Both education and sustainable development stand at the heart of UNESCO’s mission.  

Given this, to promote the theme of 2015 ILD, UNESCO New Delhi Cluster Office, is organizing a National Comic and Cartoon Art Competition: Literacy and Sustainable Societies: Take the Challenge!  

For this competition, we invite youth between the age of 14 – 25 years from India, to contribute ideas, perspectives and actions on the theme “Literacy and Sustainable Societies” through your cartoon and comic drawings.  Comic and Cartoon drawings could be with or without words (in English or Hindi), made in black & white or in colour.  The submissions should be sent in original by post/courier to (UNESCO House, B 5/29 Safdarjung Enclave, New Delhi - 110029) or as scanned copy  to unesco2015cartoons(at)gmail.com latest by extended deadline: 25 October 2015,.  

For full details on submission process click here.

The prizes include:   

  • First prize - Ipad mini
  • Two second prizes - Kindle paperwhite
  • Five third prizes - Movable hard drive
  • Five consolation prizes – Pen drive  

All participants will receive certification of participation.

For any further information, please contact:

Alisher Umarov, Chief of Education (Ph: 011-26713000 ext 307)

Rekha Beri, Documentalist and Public Information Officer (Ph: 011-26713000 ext 105)

 

प्रस्तुत करने की तारीख बढ़ा दी - राष्ट्रीय कॉमिक और कार्टून प्रतियोगिता – साक्षरता और टिकाऊ समाज: चुनौती स्वीकारें!

"सर्वोच्च शिक्षा वह है जो हमें सिर्फ सूचना नहीं देती, बल्कि समग्र अस्तित्व के साथ हमारे जीवन की संगति बिठाती है.

                                                                                         - रबींद्रनाथ टैगोर

आज की तारीख में कुल 78.1 करोड़ वयस्क अभी भी निरक्षर हैं – उनमें से दो तिहाई (49.6 करोड़) महिलाएं हैं. नौजवानों में 12.6 करोड़ निरक्षर हैं, जिनमें से 7.7 करोड़ स्त्रियां हैं. भारत में 28.5 करोड़ वयस्क निरक्षर हैं, जिनमें से निरक्षर महिलाओं की तादाद 18.6 करोड़ है. दूसरे शब्दों में अपने रोजमर्रा के जीवन और रोजगार के कामों को पूरा करने के लिए उनमें पढ़ने और लिखने के बुनियादी कौशल का अभाव है.

1965 में यूनेस्को ने 8 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस घोषित किया. इस घोषणा के बाद से दुनिया भर के स्कूल, संगठन और समुदाय इस उम्मीद के साथ जागरुकता फैलाने के लिए एकजुट हुए कि एक दिन मानवाधिकारों के इस उल्लंघन को खत्म कर दिया जाएगा. 2015 में अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस का विषय है "साक्षरता और टिकाऊ समाज".

साक्षरता जीवन भर सीखते रहने का आधार है और यह टिकाऊ, समृद्ध और शांतिपूर्ण समाजों के निर्माण में एक अहम भूमिका अदा करती है. शिक्षा और टिकाऊ विकास, दोनों ही यूनेस्को के अभियान के केंद्र में हैं.

 इसे देखते हुए 2015 के अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के विषय को प्रोत्साहित करते हुए यूनेस्को नई दिल्ली क्लस्टर कार्यालय एक राष्ट्रीय कॉमिक और कार्टून कला प्रतियोगिता: साक्षरता और टिकाऊ समाज: चुनौती स्वीकारें! का आयोजन कर रहा है.

इस प्रतियोगिता के लिए हम भारत भर से 14-25 वर्ष के बीच की आयु के युवाओं को आमंत्रित कर रहे हैं कि वे अपने कार्टूनों और कॉमिक ड्रॉइंग्स के जरिए विचारों, नजरिए और अपनी कार्रवाइयों से ‘‘साक्षरता और टिकाऊ समाज’ विषय में अपना योगदान दें. कॉमिक और कार्टूनों में शब्द हो भी सकते हैं और नहीं भी (और वे अंग्रेजी में भी हो सकते हैं और हिंदी में भी). ये श्वेत-श्याम (ब्लैक एंड व्हाइट) या रंगीन बनाए जा सकते हैं. कलाकृतियां जमा करने की आखिरी तारीख को बढ़ा कर 25 अक्टूबर 2015 कर दिया गया है. पता है: unesco2015cartoons(at)gmail.com

रचनाएं भेजने की पूरी प्रक्रिया जानने के लिए यहां क्लिक करें.

पुरस्कारों में शामिल हैं:

  • प्रथम पुरस्कार- आईपैड मिनी
  • दो द्वितीय पुरस्कार – किंडल पेपरव्हाइट
  • पांच तृतीय पुरस्कार – मूवेबल हार्ड ड्राइव
  • पांच सांत्वना पुरस्कार – पेन ड्राइव

सभी भागीदारों को प्रतियोगिता में भागीदारी का प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा.

किसी भी अन्य जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें

अलीशेर उमराव, शिक्षा प्रमुख

रेखा बेरी, डॉक्यूमेंटलिस्ट और जन सूचना अधिकारी

 




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