04.08.2017 - UNESCO Office in New Delhi

RESULTS: UNESCO Photo Contest 2017 - What makes Ahmedabad a #WorldHeritageCity? नतीजे: यूनेस्को फोटो प्रतियोगिता 2017 - अहमदाबाद शहर क्यों एक विश्व धरोहर (#WorldHeritageCity) है?

UNESCO New Delhi Cluster Office is pleased to announce results of the UNESCO Photo Contest 2017: What makes Ahmedabad a #WorldHeritageCity?

The contest was organized as part of a social media campaign, to celebrate Ahmedabad’s becoming India’s first world heritage city.   The campaign began on 13 July 2017 and ended on 31 July 2017.

The results are as follows:

Winner : Ashwin Tahiliani

Photo description: Ahmedabad's living heritage is what makes it unique, as depicted here at the Sarkhej Roza. More than 5 centuries later, a thriving community continues to guard, nurture and enhance the 72-acre complex.

1st Runner up: Islahuddin Ashraf

Photo description: City of Ahmedabad is a beautiful amalgamation of a rich historical past and thriving present.

2nd Runner up: Yatti Soni

Photo description: 80 years ago, Mahatma Gandhi brought about a revolution by spinning charkha at the Sabarmati Ashram. Charkha embodied the dignity of labour, equality, unity, and finally independence. Bapu’s teachings are brought to life by a trust worker spinning cotton in the same room, to make garlands for ashram guests.

The jury unanimously selected the three winners, owing to the creativity, relevance to the theme and apt description given by the participants.

The winning entries will receive official certificates of merit and will feature on UNESCO New Delhi's website and its social media channels.

The World Heritage Cities Programme is one of six thematic programmes formally approved and monitored by the World Heritage Committee.  It aims to assist government in the challenges of protecting and managing their urban heritage. The programme is structured along a two-way process, with the development of a theoretical framework for urban heritage conservation, and the provision of technical assistance to government for the implementation of new approaches and schemes.

We thank all contestants who participated in this photo contest and joined us to celebrate Ahmedabad becoming India’s first world heritage city. 

नतीजे: यूनेस्को फोटो प्रतियोगिता 2017 -  अहमदाबाद शहर क्यों एक विश्व धरोहर (#WorldHeritageCity) है?

यूनेस्को नई दिल्ली क्लस्टर कार्यालय यूनेस्को फोटो प्रतियोगिता 2017: अहमदाबाद शहर क्यों एक विश्व धरोहर (#WorldHeritageCity) है? के नतीजों की घोषणा करते हुए बेहद खुशी महसूस कर रहा है. 

एक सोशल मीडिया कैंपेन के हिस्से के रूप में यह प्रतियोगिता अहमदाबाद के पहला भारतीय विश्व धरोहर शहर बनने का उत्सव मनाते हुए शुरू की गई थी. प्रतियोगिता 13 जुलाई 2017 को शुरू की गई और इसका समापन 31 जुलाई 2017 को हुआ.

इसके नतीजे इस तरह हैं:

विजेता: अश्विन तहिल्यानी

फोटो विवरण: अहमदाबाद की जीवंत धरोहर ही इसे अनोखा बनाती है, जैसा कि सरखेज रोजा में इसको चित्रित किया गया है. पांच सदी से अधिक समय के बाद भी, एक फलता-फूलता हुआ समुदाय 72 एकड़ के इस परिसर की हिफाजत, देख-रेख और बेहतरी के लिए काम करता आ रहा है.

पहले उप विजेता: इस्लाहुद्दीन अशरफ

फोटो विवरण: अहमदाबाद शहर समृद्ध ऐतिहासिक अतीत और फलते-फूलते वर्तमान का एक खूबसूरत मेल है.

दूसरे उप विजेता: यत्ती सोनी

फोटो विवरण: 80 साल पहले महात्मा गांधी ने साबरमती आश्रम में चरखा चलाते हुए एक क्रांति की शुरुआत की थी. चरखा श्रम, बराबरी, एकता और स्वाधीनता की मर्यादा का साकार रूप है. एक ट्रस्ट कार्यकर्ता उसी कोठरी में आश्रम के मेहमानों के लिए हार बनाने की खातिर सूत कातते हुए बापू की सीख को व्यवहार में उतारते हुए. 

निर्णायक मंडल ने आम सहमति से तीन विजेताओं को चुना, जिसके लिए रचनात्मकता, विषय के लिए प्रासंगिकता और फोटो के समुचित विवरण को ध्यान में रखा गया.

विजेता प्रविष्टियों को आधिकारिक मेरिट प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा और तस्वीरों को यूनेस्को नई दिल्ली की वेबसाइट और इसके सोशल मीडिया चैनलों पर प्रदर्शित किया जाएगा.

विश्व धरोहर शहर कार्यक्रम, विश्व धरोहर समिति (वर्ल्ड हेरिटेज कमिटी) द्वारा औपचारिक रूप से स्वीकृत और संचालित छह विषयवार कार्यक्रमों में से एक है. इसका मकसद सरकारों को उनकी शहरी विरासत के संरक्षण और प्रबंधन में आने वाली चुनौतियों से निबटने में मदद करना है. कार्यक्रम का ढांचा एक दोहरी प्रक्रिया के आधार पर बना है, जिसके तहत शहरी धरोहर संरक्षण के लिए सैद्धांतिक रूप रेखा का विकास, तथा नए तौर-तरीकों और योजनाओं को अमल में लाने के लिए सरकारों को तकनीकी सहायता मुहैया कराने का प्रावधान शामिल है.

हम उन सभी प्रतिभागियों का शुक्रिया अदा करता हैं, जिन्होंने इस फोटो प्रतियोगिता में भाग लिया और अहमदाबाद के भारत का पहला विश्व धरोहर शहर बनने के इस उत्सव में हमारे साथ जुड़े.




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