01.05.2017 - UNESCO Office in New Delhi

Khanabadhoshon Ki Duniya - A World of Migrants खानाबदोशों की दुनिया

On the occasion of International Labour Day, UNESCO is launching an awareness campaign to highlight the importance of creating inclusive urban spaces for migrants.  Khanabadhoshon Ki Duniya or A World of Migrants is a series of 10 Radio Programmes (3–4 minutes each) produced by UNESCO featuring several real-life situations involving migrants and the challenges they face in accessing their rights and entitlements.

The first radio programme will be aired on Monday 1 May 2017 on three channels of All India Radio (AIR FM Gold 106.4 MHz, AIR FM Rainbow 102.6 MHz, AIR MW Indraprastha 819 KHtz) and the complete series will be broadcast over a period of 4 weeks, on weekdays, twice a day, from 1 May till 26 May 2017.  

With Khanabadhoshon Ki Duniya, UNESCO attempts to disrupt the singular image of the underprivileged migrant as a suffering, needy and dependent person to a resilient, strong survivor and entrepreneur through the medium of radio. 

The radio programmes adopt alternative narratives to highlight unique characteristics of migrants in the city, for example: migrants as agents of development, migrants as upholders of cultural diversity, the migrant working woman, migrants as contributors to skill diversity and migrants as symbol of new aspirations. For description of the radio spots click here.

The approach adopted is to evoke empathy amongst urban dwellers by focusing on similarities between migrants from rural areas and residents from urban areas. The series will focus on sharing the lived experience and contributions of migrants to the cities they migrate to and thereby disrupt the homogeneous image. “We wish to draw attention to the brave choices migrants make and encourage city dwellers to ensure that migrants feel part of a city which is welcoming, inclusive and recognizes migrants entitlement to a dignified life” says Ms Marina Faetanini, Section`s Chief and Programme Specialist,  Social and Human Sciences, UNESCO New Delhi.

The Radio Programmes can be accessed here

 
For further information, contact:

Ms Marina Faetanini, Section Chief and Programme Specialist, Social & Human Sciences (SHS)
Email: m.faetanini(at)unesco.org
Ms Rekha Beri, Documentalist and Public Information Officer
Email: r.beri(at)unesco.org

खानाबदोशों की दुनिया

अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के दिन यूनेस्को ने प्रवासियों के लिए समावेशी शहरी स्पेस निर्मित करने अहमियत को रेखांकित करने के लिए एक जागरुकता अभियान की शुरुआत की है. खानाबदोशों की दुनिया अथवा अ वर्ल्ड ऑफ माइग्रेन्ट्स, यूनेस्को द्वारा निर्मित 10 रेडियो कार्यक्रमों (प्रत्येक 3-4 मिनट) की एक श्रृंखला है जिसमें प्रवासियों की वास्तविक जीवन की अनेक स्थितियों और उनके अपने अधिकारों और हकों को हासिल करने की राह में चुनौतियों को दर्शाया गया है.

रेडियो कार्यक्रम सोमवार, 1 मई 2017 को आकाशवाणी के तीन चैनलों ( एआईआर एफएम गोल्ड 105.4 मेगाहर्ट्ज, एआईआर एफएम रेनबो 102.6 मेगाहर्ट्ज, एआईआर मीडियम वेव इंद्रप्रस्थ 819 किलोहर्ट्ज) पर प्रसारित किया जाएगा और पूरी श्रृंखला 1 मई से 26 मई के बीच चार हफ्तों की अवधि के दौरान, हफ्ते के दिनों में, दिन में दो बार प्रसारित की जाएगी.

खानाबदोशों की दुनिया के जरिए, यूनेस्को वंचित प्रवासियों की पीड़ित, जरूरतमंद और निर्भर होने की छवि को तोड़ते हुए उनके लचीलेपन, जीवटता और उद्यमी होने की छवियों को रेडियो के जरिए पेश करने की कोशिश कर रहा है.

रेडियो कार्यक्रम में उन वैकल्पिक कहानियों को रूपांतरित किया गया है, जो शहर में प्रवासियों की अनोखी खासियतों को रेखांकित करती हैं. मिसाल के लिए: विकास के वाहक प्रवासी, सांस्कृतिक विविधता के संरक्षक प्रवासी, कामकाजी प्रवासी महिलाएं, कौशल विविधता में योगदान देने वाले प्रवासी और नई आकांक्षाओं के प्रतीक के रूप में प्रवासी. रेडियो स्पॉट्स के विवरण के लिए यहां क्लिक करें.

इन कार्यक्रमों में ऐसा तरीका अपनाया गया है, ताकि शहरी निवासों में सहानुभूति विकसित की जा सके. इसके लिए ग्रामीण इलाकों से आने वाले प्रवासियों और शहरी इलाकों के निवासियों के बीच समानताओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है. यह श्रृंखला जीवंत अनुभवों को साझा करने और शहरों में आने वाले प्रवासियों द्वारा शहरों में दिए जाने वाले योगदान पर ध्यान केंद्रित करेगी, जिससे उनकी एकसार छवि को तोड़ा जा सके. “हम प्रवासियों द्वारा लिए जाने वाले साहसी फैसले की ओर ध्यान दिलाना चाहते हैं और शहर के निवासियों को इसके लिए प्रोत्साहित करना चाहते हैं कि वे इसे सुनिश्चित करें कि प्रवासी खुद को एक ऐसे शहर का हिस्सा महसूस करें, जो खुले दिल से उनका स्वागत करता है, समावेशी है और एक सम्मानजनक जिंदगी के प्रवासियों के हकों को स्वीकार करता है,” मिस मरीना फाएतानिनी कहती हैं, जो यूनेस्को नई दिल्ली में सामाजिक व मानव विज्ञान में सेक्शन प्रमुख और कार्यक्रम विशेषज्ञ हैं.

रेडियो कार्यक्रमों को यहां सुना जा सकता है.

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:

मिस मरीना फाएतानिनी, सेक्शन प्रमुख और कार्यक्रम विशेषज्ञ, सामाजिक व मानव विज्ञान, यूनेस्को नई दिल्ली
ईमेल: m.faetanini(at)unesco.org  

मिस रेखा बेरी, डॉक्यूमेंटलिस्ट एवं सार्वजनिक सूचना अधिकारी
ईमेल: r.beri(at)unesco.org




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